CBSE Class 12 Supplementary Result 2025का इंतजार लाखों छात्र कर रहे हैं। 15 जुलाई को एक ही दिन में सभी विषयों की कंपार्टमेंट परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। अब उम्मीद की जा रही है कि परिणाम अगस्त के पहले सप्ताह में घोषित किए जाएंगे। इस साल एक खास बदलाव देखने को मिला है—CBSE ने रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है, जिससे छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
आइए जानते हैं रिजल्ट से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी—रिजल्ट डेट, चेक करने का तरीका, नया ग्रेडिंग सिस्टम और पिछले वर्षों के ट्रेंड।
कब आएगा CBSE Class 12 Supplementary Result 2025?
CBSE हर साल कंपार्टमेंट परीक्षा के बाद लगभग 15–20 दिनों में रिजल्ट घोषित कर देता है। 2023 और 2024 में परिणाम 1-2 अगस्त को जारी हुए थे। ऐसे में 2025 का रिजल्ट भी अगस्त के पहले सप्ताह में आने की पूरी संभावना है।
छात्र अपने परिणाम cbseresults.nic.in, cbse.gov.in या results.cbse.nic.in पर देख सकेंगे। रिजल्ट की घोषणा होते ही वेबसाइट पर डायरेक्ट लिंक एक्टिव हो जाएगा।
रिजल्ट कैसे चेक करें? पूरी प्रक्रिया
रिजल्ट देखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – cbseresults.nic.in
- “Senior School Certificate Compartment Examination (Class XII) 2025” के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड ID और डेट ऑफ बर्थ भरें।
- कैप्चा कोड डालें और “Submit” पर क्लिक करें।
- आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखेगी – इसे PDF में डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें।
ध्यान दें: अंतिम ओरिजिनल मार्कशीट कुछ दिनों बाद स्कूल द्वारा वितरित की जाएगी।
क्या है रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम?
CBSE ने 2025 में नई रिलेटिव ग्रेडिंग पद्धति लागू की है, जिसमें छात्रों को उनके स्कोर के बजाय पूरी कक्षा के औसत प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड दिया जाएगा।
कैसे काम करता है:
- छात्र का ग्रेड, पूरे बैच के प्रदर्शन की तुलना में तय किया जाएगा।
- उदाहरण के लिए – अगर टॉप 1/8 छात्रों को A1 ग्रेड मिला, तो अगले 1/8 को A2 मिलेगा और इसी तरह।
- अब ग्रेड तय करने के लिए केवल अंक नहीं बल्कि mean, median और standard deviation जैसे सांख्यिकीय डेटा का उपयोग किया जाएगा।
क्यों लाया गया ये सिस्टम:
- छात्रों पर से मार्क्स का दबाव कम करने के लिए।
- पूरे भारत में अलग-अलग परीक्षा कठिनाइयों और प्रदर्शन स्तरों में संतुलन लाने के लिए।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ‘होलिस्टिक असेसमेंट’ को बढ़ावा देने के लिए।
क्या असर पड़ेगा सप्लीमेंट्री रिजल्ट पर?
- छात्रों को ग्रेड मिलने की संभावना बढ़ेगी, खासकर अगर अधिकांश ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया हो।
- परीक्षा कठिन होने पर भी छात्र नुकसान में नहीं रहेंगे, क्योंकि ग्रेड अन्य छात्रों के मुकाबले मिलेंगे।
- सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में कम मार्क्स होने के बावजूद बेहतर ग्रेड मिलने की उम्मीद बनती है।
पिछले वर्षों के ट्रेंड और इस बार की संभावनाएं
मुख्य परीक्षा (2025):
- कुल 17 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया था।
- 14.96 लाख छात्र पास हुए थे – पास प्रतिशत 88.39% रहा।
सप्लीमेंट्री परीक्षा (2024):
- 1.27 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी।
- केवल 37,957 छात्र पास हुए थे – पास प्रतिशत रहा लगभग 29.78%।
2025 में भी पास प्रतिशत इसी रेंज में रहने की उम्मीद है, हालांकि रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम के चलते कुछ सुधार देखा जा सकता है।
रिजल्ट के बाद क्या करें?
अगर पास हो गए हैं:
- अब आप सीधे कॉलेज एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
- यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश के लिए मार्कशीट का इस्तेमाल करें।
अगर पास नहीं हुए:
- अगली साल फिर से परीक्षा में बैठ सकते हैं।
- या स्किल डिवेलपमेंट/वोकेशनल कोर्स जैसे वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करें।
अगर मार्क्स से असंतुष्ट हैं:
- आप रीचेकिंग, वेरिफिकेशन या रीएवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
- फीस: वेरिफिकेशन ₹500 प्रति विषय, आंसर शीट की फोटोकॉपी ₹700 और रीएवैल्यूएशन ₹100 प्रति प्रश्न।
निष्कर्ष
CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2025 छात्रों के लिए एक दूसरा मौका है खुद को साबित करने का। इस साल का नया रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम छात्रों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि अब ग्रेड केवल अंकों पर नहीं बल्कि बैच के प्रदर्शन पर आधारित होगा। अगस्त के पहले सप्ताह में रिजल्ट आने की पूरी उम्मीद है। जो छात्र पास हो जाएंगे वे अपने करियर की अगली सीढ़ी चढ़ सकेंगे, और जो नहीं—उनके पास भी नई राहें हैं।